शिमला: हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। शिमला-बिलासपुर नेशनल हाईवे-205 पर भराड़ीघाट के दसेरन इलाके में पहाड़ी से अचानक एक भारी चट्टान नीचे आ गिरी। चट्टान की चपेट में एक चलती कार आ गई। हादसे में कार सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसके कारण उसमें फंसे लोगों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों और राहत दल ने करीब एक घंटे तक बचाव अभियान चलाया।
चलती कार पर अचानक गिरी चट्टान
जानकारी के मुताबिक हादसा शिमला-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-205 पर भराड़ीघाट के दसेरन क्षेत्र में हुआ। कार सड़क से गुजर रही थी, तभी पहाड़ी से अचानक भारी-भरकम चट्टान नीचे आ गिरी।चट्टान सीधे कार पर जा गिरी, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसा इतना भीषण था कि कार में सवार लोगों को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो गया।
कार में सवार थे तीन लोग
बताया जा रहा है कि हादसे के समय कार में कुल तीन लोग सवार थे। चट्टान की चपेट में आने से एक व्यक्ति ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।वहीं, दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे के बाद स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को कार से बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
दोनों घायलों को IGMC शिमला रेफर किया गया
हादसे में घायल दोनों लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए दाड़लाघाट अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें आगे के इलाज के लिए आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया।फिलहाल दोनों घायलों की स्थिति को लेकर विस्तृत मेडिकल जानकारी सामने नहीं आई है।
करीब एक घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
भारी चट्टान गिरने के कारण कार बुरी तरह दब गई थी। वाहन में फंसे लोगों को निकालने में राहत टीम और स्थानीय लोगों को काफी समय लगा।करीब एक घंटे तक बचाव अभियान चलने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-205 पर यातायात भी प्रभावित रहा। सड़क पर वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए बाधित हुई।
पुलिस और संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत-बचाव कार्य के साथ सड़क से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने की कार्रवाई की गई।
पहाड़ी इलाकों में लगातार बढ़ा हादसों का खतरा
हिमाचल प्रदेश में पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान भूस्खलन और चट्टानें गिरने की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्गों और संवेदनशील पहाड़ी सड़कों पर वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।