रक्षाबंधन पर्व के दौरान यात्रियों को बेहतर बस सेवा उपलब्ध कराने के लिए उत्तरप्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने विशेष प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है। योजना का उद्देश्य त्योहार के दौरान बसों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और रोडवेज कर्मचारियों को अतिरिक्त ड्यूटी के लिए प्रोत्साहित करना है।
योजना के तहत 26 से 31 अगस्त तक छह दिनों तक नियमित रूप से सेवा देने वाले चालकों और परिचालकों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं कार्यशाला और डिपो में काम करने वाले तकनीकी कर्मचारियों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।
ड्राइवर-कंडक्टर को मिलेंगे ₹1,200
योजना के अनुसार नियमित और संविदा दोनों श्रेणी के चालक एवं परिचालक यदि छह दिनों की अवधि में नियमित रूप से उपस्थित रहते हुए 1,800 किलोमीटर बस संचालन पूरा करते हैं, तो उन्हें ₹1,200 की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।इसका मकसद रक्षाबंधन के दौरान बसों का संचालन सुचारु रखना है, ताकि त्योहार पर यात्रियों को आने-जाने में परेशानी न हो।
1,800 किमी से ज्यादा चलाने पर अतिरिक्त भुगतान
योजना में अतिरिक्त किलोमीटर के लिए भी प्रावधान किया गया है। 1,800 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने वाले संविदा कर्मचारियों को अतिरिक्त दूरी के लिए प्रति किलोमीटर 55 पैसे की अतिरिक्त राशि दी जाएगी।इसका भुगतान डिपो स्तर पर किया जाएगा।
64% लोड फैक्टर की शर्त
चालक और परिचालकों को प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए एक और शर्त पूरी करनी होगी। योजना का लाभ तभी मिलेगा, जब संबंधित रूट सेवा का लोड फैक्टर न्यूनतम 64 प्रतिशत या उससे अधिक रहेगा।इस शर्त का उद्देश्य यात्रियों की मांग के अनुरूप बसों का बेहतर संचालन सुनिश्चित करना है।
तकनीकी कर्मचारियों को ₹500 प्रोत्साहन
रोडवेज के डिपो और कार्यशालाओं में तैनात तकनीकी कर्मचारियों को भी योजना में शामिल किया गया है। जो तकनीकी कर्मचारी 26 से 31 अगस्त तक सभी छह दिनों में रोजाना उपस्थित रहेंगे, उन्हें ₹500 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।इससे त्योहार के दौरान बसों की तकनीकी व्यवस्था और मरम्मत संबंधी काम को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।
रक्षाबंधन पर यात्रियों को मिलेगी राहत
रक्षाबंधन के दौरान बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों से मिलने के लिए यात्रा करती हैं। ऐसे में बसों में यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है।UPSRTC की इस योजना से त्योहार के दौरान अधिक से अधिक बसों का संचालन सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है, ताकि यात्रियों को बसों की कमी और लंबी प्रतीक्षा जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।