भोपाल: राजधानी भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित डीएमएस (Regional School) के छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को एनसीईआरटी के संविलियन के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने हाथों में पोस्टर लेकर स्कूल के सामने विरोध जताया और प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर स्कूल को केंद्रीय विद्यालय में मर्ज करने का फैसला रोकने की मांग की। छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे।
1965 से संचालित हैं देश के चार Regional School
एनसीईआरटी की ओर से देशभर में वर्ष 1965 से संचालित चार प्रायोगिक बहुद्देशीय Regional School को केंद्रीय विद्यालय में संविलियन करने का आदेश जारी किया गया है। ये संस्थान शैक्षणिक प्रयोगशालाओं के तौर पर संचालित किए जा रहे हैं।देश में ऐसे चार Regional School हैं, जो भोपाल के अलावा अजमेर, मैसूर और भुवनेश्वर में संचालित हैं।
छात्रों ने पोस्टर लेकर जताया विरोध
एनसीईआरटी के फैसले की जानकारी सामने आने के बाद मंगलवार को डीएमएस स्कूल के छात्र-छात्राएं एकजुट हुए। उन्होंने स्कूल परिसर के सामने हाथों में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया और संविलियन के फैसले का विरोध जताया।प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि Regional School की अपनी अलग पहचान और शैक्षणिक महत्व है। वे किसी भी स्थिति में स्कूल के मौजूदा स्वरूप को खत्म नहीं होने देना चाहते।
प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने डीएमएस स्कूल के प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। इसमें एनसीईआरटी के संविलियन संबंधी आदेश को रोकने और Regional School का अस्तित्व बनाए रखने की मांग की गई।छात्रों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी गई है।
केंद्रीय विद्यालय में मर्ज करने के फैसले का विरोध
छात्रों का मुख्य विरोध Regional School को केंद्रीय विद्यालय में मर्ज किए जाने को लेकर है। उनका कहना है कि स्कूल लंबे समय से एक विशिष्ट शैक्षणिक व्यवस्था के तहत संचालित हो रहा है और इसके स्वरूप में बदलाव से इसकी पहचान प्रभावित हो सकती है।अब छात्रों की मांग और विरोध के बीच एनसीईआरटी के फैसले पर आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजरें हैं।