भोपाल: मध्यप्रदेश में करीब 9 साल बाद छात्रसंघ चुनाव कराने की तैयारियां तेज हो गई हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संकेत दिया है कि प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव सितंबर 2026 में प्रस्तावित हैं। हालांकि, चुनाव किस प्रणाली से होंगे, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही छात्र संगठनों के साथ चर्चा करेगी और उनकी राय के आधार पर चुनाव प्रणाली तय की जाएगी।प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग पहले से ही प्रमुख छात्र संगठनों की ओर से उठाई जा रही है। ऐसे में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के बयान के बाद प्रत्यक्ष चुनाव की संभावना को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
सितंबर में प्रस्तावित हैं छात्रसंघ चुनाव
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि मध्यप्रदेश में सितंबर में छात्रसंघ चुनाव होना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल चुनाव की प्रणाली तय होना बाकी है।सरकार इस मामले में छात्र संगठनों से बातचीत करेगी। इसके बाद चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होंगे या किसी अन्य व्यवस्था के तहत, इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
9 साल बाद चुनाव कराने की तैयारी
मध्यप्रदेश में आखिरी बार छात्रसंघ चुनाव 2017 में हुए थे। इसके बाद लंबे समय से प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं।अब हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सितंबर में चुनाव कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। उच्च शिक्षा विभाग ने भी चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
ABVP और NSUI की प्रत्यक्ष चुनाव की मांग
छात्रसंघ चुनाव की प्रणाली को लेकर प्रदेश के प्रमुख छात्र संगठन पहले ही अपनी राय जाहिर कर चुके हैं। ABVP और NSUI दोनों ही प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने की मांग कर चुके हैं।प्रत्यक्ष चुनाव व्यवस्था में छात्र सीधे अपने प्रतिनिधियों को वोट देकर चुनते हैं। अब सरकार और छात्र संगठनों के बीच होने वाली चर्चा के बाद यह तय होगा कि इस बार चुनाव किस प्रणाली से कराए जाएंगे।
सरकार छात्र संगठनों से करेगी चर्चा
हेमंत खंडेलवाल के मुताबिक चुनाव की प्रणाली को लेकर सरकार जल्द छात्र संगठनों के साथ बैठक कर सकती है। इस बातचीत में छात्र संगठनों के सुझाव और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी।इसके बाद चुनाव व्यवस्था को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार की ओर से चुनाव प्रणाली को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
झारखंड छात्र आंदोलन पर भी बोले हेमंत खंडेलवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हेमंत खंडेलवाल ने झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर भी विपक्ष और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध किया, लेकिन उनके साथ कथित तौर पर कठोर व्यवहार किया गया।उन्होंने छात्र हित के मुद्दे पर राहुल गांधी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें झारखंड के छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने राहुल गांधी से सदन में चर्चा करने और कार्यवाही बाधित नहीं करने की अपील की।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद बढ़ी चुनाव की उम्मीद
मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव को लेकर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद चुनाव की उम्मीद फिर मजबूत हुई है। उच्च शिक्षा विभाग ने भी प्रक्रिया को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।अब सबसे बड़ा सवाल चुनाव की तारीख के साथ-साथ चुनाव प्रणाली को लेकर है। यदि प्रत्यक्ष प्रणाली को मंजूरी मिलती है तो करीब नौ साल बाद होने वाले चुनाव में छात्र सीधे अपने छात्र प्रतिनिधियों का चुनाव कर सकेंगे।
छात्रों में चुनाव को लेकर बढ़ी हलचल
लंबे अंतराल के बाद छात्रसंघ चुनाव की संभावित घोषणा से कॉलेज और विश्वविद्यालयों में छात्र राजनीति भी सक्रिय होने लगी है। प्रमुख छात्र संगठनों ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं।सितंबर में चुनाव कराने और प्रत्यक्ष प्रणाली को लेकर अंतिम फैसला आने के बाद छात्र संगठनों की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।