बंगलूरू: भारतीय वायुसेना प्रमुख A. P. Singh ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को देश की सबसे बड़ी रणनीतिक जरूरत बताया है। बंगलूरू में आयोजित 48वें फ्लाइट टेस्ट कोर्स ग्रेजुएशन समारोह में उन्होंने कहा कि भारत को मजबूत और टिकाऊ स्वदेशी रक्षा क्षमताएं विकसित करनी होंगी, तभी देश भविष्य की चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सकेगा। समारोह के दौरान एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने स्वदेशी रक्षा तकनीक, एयरोस्पेस विकास और सैन्य आधुनिकीकरण को भारत की सुरक्षा का अहम आधार बताया। उन्होंने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है।
17 अधिकारियों ने पूरा किया कठिन प्रशिक्षण
बंगलूरू में आयोजित इस कार्यक्रम में एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल (AFTPS) के 11 टेस्ट पायलट और 6 फ्लाइट टेस्ट इंजीनियरों ने 48 सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। इस बैच में भारतीय वायुसेना के 14 अधिकारी, भारतीय सेना का एक अधिकारी और भारतीय नौसेना के दो अधिकारी शामिल रहे। प्रशिक्षण के बाद सभी अधिकारियों को ग्रेजुएशन प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
स्वदेशीकरण को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी
वायुसेना प्रमुख A. P. Singh ने कहा कि टेस्ट क्रू की भूमिका केवल विमान परीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें भारत के स्वदेशी रक्षा अभियान को आगे बढ़ाने और एयरोस्पेस इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में भी अहम योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि रक्षा उपकरणों की डिजाइन, निर्माण और डिलीवरी प्रक्रिया को तेज करना समय की मांग है। साथ ही गुणवत्ता और सुरक्षा के मानकों से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
अधिकारियों को दिया उत्कृष्टता का मंत्र
एपी सिंह ने अधिकारियों से कहा कि भविष्य के युद्ध और सुरक्षा चुनौतियां तकनीक आधारित होंगी। ऐसे में सशस्त्र बलों को आधुनिक, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने पेशेवर दक्षता, ईमानदारी, सटीकता और उत्कृष्टता को सैन्य सेवा की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए अधिकारियों से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करने का आह्वान किया।
मेधावी अधिकारियों को सम्मान
समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को प्रतिष्ठित ट्रॉफियां और पुरस्कार भी दिए गए।
‘सुरंजन दास ट्रॉफी’ स्क्वाड्रन लीडर केके सिंह को सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंड स्टूडेंट टेस्ट पायलट के रूप में मिली।
‘चीफ ऑफ एयर स्टाफ ट्रॉफी’ स्क्वाड्रन लीडर आदित्य जमदग्नि को दी गई।
विंग कमांडर अभिनव कुमार को ‘महाराजा हनुमंत सिंह स्वॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।
विंग कमांडर प्रणव शर्मा को ‘डनलप ट्रॉफी’ प्रदान की गई।
स्क्वाड्रन लीडर पारस शर्मा को ‘कपिल भार्गव ट्रॉफी’ से सम्मानित किया गया।
रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत
वायुसेना प्रमुख के बयान को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब भारत तेजी से स्वदेशी रक्षा उत्पादन और सैन्य तकनीक पर फोकस बढ़ा रहा है। सरकार भी मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में विदेशी निर्भरता कम करने पर जोर दे रही है।