कोलकाता: भ्रष्टाचार और अवैध कामों के खिलाफ सुवेंदु सरकार 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद अब कोलकाता नगर निगम (KMC) शहर के अवैध निर्माणों पर पूरी तरह से शिकंजा कसने के लिए सड़कों पर उतर आया है। इसी कड़ी में रविवार सुबह कोलकाता के अलग-अलग इलाकों में ताबड़तोड़ 'बुलडोजर एक्शन' देखने को मिला। नगर निगम की टीमों ने बेलेघाटा, तिलजला और कशबा सहित 5 संवेदनशील इलाकों में पहुंचकर अवैध इमारतों को गिराने का अभियान शुरू कर दिया है।
तिलजला अग्निकांड के बाद जागा प्रशासन
हाल ही में तिलजला इलाके में लगी एक भीषण आग में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस दिल दहला देने वाले हादसे के बाद प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आ गया है। इसके तुरंत बाद ही नगर निगम ने उन अवैध कारखानों और इमारतों को चिन्हित करना शुरू कर दिया, जो बिना फायर सेफ्टी (अग्नि सुरक्षा नियमों) के धड़ल्ले से चल रही थीं।रविवार सुबह बुलडोजर सबसे पहले तिलजला के वार्ड नंबर 66 में पहुंचा। गौरतलब है कि यह इलाका स्थानीय पार्षद जावेद खान के बेटे फैयाज अहमद खान का है। प्रशासन ने बिना कोई ढील दिए यहाँ अवैध रूप से खड़ी की गई इमारतों को जमींदोज करना शुरू कर दिया।
तृणमूल नेता के अवैध ठिकाने पर भी चला हथौड़ा
तिलजला के अलावा, बेलेघाटा थाना क्षेत्र के ईस्ट कुरिया रोड पर भी नगर निगम की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ धावा बोला। यहाँ एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत को तोड़ने का काम शुरू किया गया। बताया जा रहा है कि यह अवैध इमारत इलाके के रसूखदार तृणमूल (TMC) नेता **राजू नस्कर** की है।
निगम की सख्त कार्रवाई: नगर निगम ने इसी महीने की 21 तारीख को इस इमारत पर एक नोटिस चिपकाया था। इसमें राजू नस्कर से 48 घंटे के भीतर बिल्डिंग से जुड़े वैध दस्तावेज पेश करने को कहा गया था। लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो आज सुबह ही निगम की डिमोलिशन (ध्वस्तीकरण) टीम हथौड़े, गैंती और बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंच गई और अवैध निर्माण को ढहा दिया।
मौके पर पहुंचीं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल
उधर, कशबा के 'सोना पप्पू' इलाके में भी अवैध रूप से बनाई गई एक पांच मंजिला इमारत को गिराने के लिए बुलडोजर गरज रहा है। नियमों को ताक पर रखकर इतनी ऊंची इमारत कैसे खड़ी कर दी गई, इस पर सरकार बेहद सख्त है।कार्रवाई का जायजा लेने के लिए खुद शहरी विकास एवं नगर मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कोलकाता नगर निगम के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों से बात की और स्थिति की समीक्षा की।
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा:
"भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लेकिन नगर निगम को इस बात का पूरा ध्यान रखना होगा कि इस डिमोलिशन ड्राइव (तोड़फोड़ की कार्रवाई) के दौरान आसपास के वैध मकानों या आम जनता की संपत्ति को कोई नुकसान न पहुंचे।"मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद नगर निगम की इस बैक-टू-बैक कार्रवाई से शहर के भू-माफियाओं और अवैध प्रमोटरों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन का साफ कहना है कि यह अभियान अभी रुकने वाला नहीं है।