कोलकाता: कोलकाता पुलिस में चल रही भारी स्टाफ किल्लत को दूर करने के लिए मुख्यालय लालबाजार ने एक बड़ा कदम उठाया है। पश्चिम बंगाल पुलिस के विभिन्न जिलों में डेपुटेशन (प्रतिनियुक्ति) पर भेजे गए कोलकाता पुलिस के कर्मियों और अधिकारियों को वापस बुलाने का प्रस्ताव राज्य के गृह विभाग को भेजा गया है। लालबाजार ने बकायदा 22 पुलिस अधिकारियों की सूची सौंपकर उन्हें वापस कोलकाता पुलिस में शामिल करने की मांग की है।इस कदम के पीछे जहां एक तरफ प्रशासनिक जरूरतें हैं, वहीं दूसरी तरफ इसे 10 साल पुराने राजनीतिक प्रतिशोध के फैसले को पलटने के तौर पर भी देखा जा रहा है।
2016 चुनाव के बाद मिली थी 'सजा', IPS रैंक की अफसर की हुई थी मौत
गौरतलब है कि साल 2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान कोलकाता पुलिस के एक बड़े तबके ने चुनाव आयोग के निर्देशानुसार पूरी निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी निभाई थी। लेकिन आरोप है कि चुनाव खत्म होते ही तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार ने राजनीतिक प्रतिशोध के तहत कोलकाता पुलिस के कई कुशल अधिकारियों का ट्रांसफर अचानक सुदूर जिलों में कर दिया था।
नियम के मुताबिक, कोलकाता पुलिस के कैडर में भर्ती होने वाले कर्मियों का ट्रांसफर जिला पुलिस (वेस्ट बंगाल पुलिस) में नहीं किया जा सकता। लेकिन तत्कालीन सरकार ने परंपराओं को तोड़ते हुए असिस्टेंट कमिश्नर, इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबलों को जिलों में भेज दिया, जहां वे सालों तक कम महत्वपूर्ण पदों पर काम करने को मजबूर रहे।
इसी दौरान कोलकाता पुलिस की तत्कालीन डीसी (DC) देवश्री चट्टोपाध्याय को उत्तर दिनाजपुर में सशस्त्र पुलिस का कमांडेंट बनाकर भेज दिया गया था। उत्तर बंगाल से कोलकाता लौटते समय एक सड़क हादसे में उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी। सूत्रों के मुताबिक, इनमें से कई अधिकारी अब रिटायर हो चुके हैं, लेकिन जो अभी भी कार्यरत हैं, उन्हें 10 साल बाद अब राज्य में सत्ता बदलने पर वापस लाने की प्रक्रिया शुरू हुई है।
भांगड़ के शामिल होने से बढ़ा दबाव, खाली हैं कई पद
लालबाजार द्वारा गृह विभाग को भेजी गई चिट्ठी में कहा गया है कि कोलकाता पुलिस में इस वक्त सब-इंस्पेक्टर, कांस्टेबल और ड्राइवरों के हजारों पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा, हाल ही में भांगड़ विधानसभा क्षेत्र को कोलकाता पुलिस के अधिकार क्षेत्र में शामिल किया गया है।
पिछले पंचायत चुनावों में भारी हिंसा का गवाह रहे भांगड़ की कानून-व्यवस्था को संभालने के लिए कोलकाता पुलिस ने वहां 3 थानों की जगह 9 नए थाने बनाने का प्रस्ताव दिया है। इसके लिए भारी संख्या में पुलिस बल और अधिकारियों की जरूरत है। नए कर्मियों की भर्ती में लंबा समय लग सकता है, इसलिए लालबाजार ने जिलों में डेपुटेशन पर चल रहे अपने अनुभवी अधिकारियों को तुरंत वापस बुलाने की गुहार लगाई है।