मुंबई/शिरडी: रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने भारत के डिफेंस सेक्टर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आने वाले 25-30 वर्षों में भारत दुनिया का सबसे बड़ा हथियार निर्यातक देश बनेगा और दुनिया की कोई ताकत इसे रोक नहीं सकती। महाराष्ट्र के शिरडी में एक गोला-बारूद निर्माण इकाई के उद्घाटन कार्यक्रम में उन्होंने यह बात कही।
डिफेंस सेक्टर में बढ़ रही निजी कंपनियों की भूमिका
राजनाथ सिंह ने कहा कि अब प्राइवेट सेक्टर केवल नट-बोल्ट सप्लाई तक सीमित नहीं है, बल्कि अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों का निर्माण भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी को 50 प्रतिशत तक बढ़ाना है।
‘भारत बनेगा ग्लोबल डिफेंस हब’
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत को गोला-बारूद और ऑटोमेशन का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए सरकार और निजी कंपनियों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि जब सरकार की दूरदृष्टि और निजी क्षेत्र का इनोवेशन साथ आता है, तब देश नई ऊंचाइयों तक पहुंचता है।
CDS अनिल चौहान ने भविष्य के युद्धों पर दी चेतावनी
कार्यक्रम में मौजूद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ Anil Chauhan ने कहा कि भविष्य के युद्ध मल्टी-सेक्टरल होंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में लड़ाइयां जमीन, समुद्र, वायु, साइबर और मनोवैज्ञानिक स्तर पर लड़ी जाएंगी।
AI और ड्रोन तय करेंगे भविष्य की जंग
सीडीएस अनिल चौहान ने कहा कि आधुनिक युद्ध अब केवल पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं रहेंगे। भविष्य की लड़ाइयों में AI, ड्रोन, रोबोटिक्स, साइबर सिस्टम, स्पेस टेक्नोलॉजी और सटीक मारक हथियार निर्णायक भूमिका निभाएंगे।