नंदीग्राम: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को नंदीग्राम में एक जनसभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद नंदीग्राम में यह उनकी पहली बड़ी सभा थी, जहां उन्होंने चुनाव के बाद भड़की हिंसा और भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुए हमलों को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला। शुभेंदु अधिकारी ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, "मैं कुछ भी नहीं भूला हूँ, हर बात का हिसाब लिया जाएगा।"
"चाहें तो ईंट उखाड़ सकते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं करते"
सभा में उमड़ी कार्यकर्ताओं की भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि साल 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद राज्यभर में भाजपा कार्यकर्ताओं को बेरहमी से निशाना बनाया गया था। उन्होंने कहा:
> "अगर आप चाहें, तो टीएमसी कार्यकर्ताओं के घरों की ईंटें तक उखाड़ सकते हैं। लेकिन आप ऐसा बिल्कुल मत कीजिएगा, क्योंकि भाजपा इस तरह की राजनीति नहीं करती है। मुझे सब कुछ अच्छे से याद है और मैं किसी को नहीं छोड़ूँगा। हर एक ज़ुल्म का हिसाब कानून के दायरे में रहकर किया जाएगा।"
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि दो बार चुनाव हारने वाली मुख्यमंत्री ने हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं के पीड़ित परिवारों को कोई आर्थिक मदद तक नहीं दी।
कानून हाथ में न लेने की सलाह
हाल ही में संपन्न हुए 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद बंगाल की सत्ता अब भाजपा के हाथों में आ चुकी है। चुनाव नतीजों के बाद से ही राज्य के अलग-अलग हिस्सों में छिटपुट हिंसा और कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने के आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं। टीएमसी का आरोप है कि उनके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि भाजपा नेतृत्व का कहना है कि यह पुरानी आपसी रंजिश का नतीजा है जहाँ कल तक टीएमसी में रहे लोग ही आज 'पोशाक बदलकर' अपने पुराने साथियों पर हमले कर रहे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी पहले ही कार्यकर्ताओं को सख्त हिदायत दी है कि कोई भी कानून हाथ में न ले और गड़बड़ी करने वालों पर बिना राजनीतिक रंग देखे कार्रवाई होगी। इसी सुर में सुर मिलाते हुए शुभेंदु अधिकारी ने भी आज नंदीग्राम में कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि उन्हें कानून हाथ में लेने की कोई ज़रूरत नहीं है, क्योंकि उनके साथ हुए हर अन्याय का हिसाब अब सरकार और दल खुद करेगा।