नई दिल्ली: अफ्रीका में तेजी से फैल रहे इबोला वायरस को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बड़ा कदम उठाया है। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में बढ़ते मामलों को देखते हुए WHO ने इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है। इसके बाद भारत सरकार ने भी अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
WHO ने घोषित किया ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 17 मई को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम 2005 के तहत इबोला के बढ़ते मामलों को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया। बताया जा रहा है कि कांगो और युगांडा में बुंडिबुग्यो स्ट्रेन का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
भारत सरकार ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। सरकार ने कहा है कि इन देशों में संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और सतर्कता बेहद जरूरी है।
अफ्रीका CDC ने भी जताई चिंता
अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (Africa CDC) ने भी इस प्रकोप को महाद्वीपीय सुरक्षा से जुड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और संक्रमण रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाया जा रहा है।
तेजी से फैल रहा बुंडिबुग्यो स्ट्रेन
विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार इबोला का बुंडिबुग्यो स्ट्रेन चिंता का कारण बना हुआ है। अभी तक इस स्ट्रेन के लिए पूरी तरह प्रभावी वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, इसलिए कई देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।