हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मनाई जाने वाली कालाष्टमी इस वर्ष 7 जुलाई 2026 (मंगलवार) को मनाई जाएगी। यह दिन भगवान काल भैरव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा और कुछ विशेष उपाय करने से जीवन के संकट दूर होते हैं तथा सुख-समृद्धि और सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।
कब से कब तक रहेगी अष्टमी तिथि?
अष्टमी तिथि प्रारंभ: 7 जुलाई 2026, दोपहर 1:24 बजे
अष्टमी तिथि समाप्त: 8 जुलाई 2026, दोपहर 12:21 बजे
उदयातिथि के अनुसार 7 जुलाई, मंगलवार को ही कालाष्टमी का व्रत और पूजा की जाएगी।
कालाष्टमी पर करें ये 5 विशेष उपाय
1. भगवान काल भैरव को अर्पित करें मदिरा
काल भैरव मंदिर में पूजा के दौरान मदिरा अर्पित करने की परंपरा है। इसके बाद इसे जरूरतमंद या सफाई कर्मी को दान करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे आर्थिक परेशानियां कम होती हैं और आय के नए स्रोत खुलते हैं।
2. सरसों के तेल से बने भोजन का करें दान
सरसों के तेल में बने पकौड़े, पापड़ या मालपुए जैसे खाद्य पदार्थ गरीब और जरूरतमंद लोगों को खिलाना पुण्यदायी माना जाता है। इससे सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली का संचार होता है।
3. राहु दोष शांति के लिए विशेष उपाय
परंपरागत मान्यताओं के अनुसार कालाष्टमी से एक दिन पहले मदिरा खरीदकर रखें और अगले दिन पूजा के दौरान कांसे के पात्र में अर्पित करें। इसे राहु के नकारात्मक प्रभाव को कम करने वाला उपाय माना जाता है।
4. कुत्ते को खिलाएं तेल लगी रोटी
रोटी पर सरसों के तेल से निशान बनाकर कुत्ते को खिलाएं। कुत्ते को भगवान काल भैरव का वाहन माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यह उपाय बाधाओं को दूर करने में सहायक होता है।
5. दीपक जलाकर करें भैरव चालीसा का पाठ
शाम के समय सरसों के तेल का दीपक जलाकर भगवान काल भैरव की आरती और भैरव चालीसा का पाठ करने से मानसिक शांति, साहस और सुरक्षा का आशीर्वाद प्राप्त होने की मान्यता है।