नई दिल्ली - जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज जीतने के बाद भारतीय टीम के कोच वीवीएस लक्ष्मण ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि वैभव में शानदार प्रतिभा है और वह लगातार बेहतर खिलाड़ी बन रहे हैं। हालांकि, लक्ष्मण ने यह भी साफ किया कि भारतीय क्रिकेट मैनेजमेंट चाहता है कि वैभव अपनी ओवरऑल फिटनेस पर और ज्यादा मेहनत करें, ताकि लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफलता हासिल कर सकें।
ढाई साल पहले ही पहचानी गई थी वैभव की प्रतिभा
वीवीएस लक्ष्मण ने बताया कि बीसीसीआई ने वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा को करीब ढाई साल पहले ही पहचान लिया था। तभी से उन्हें एज-ग्रुप टीमों में अवसर देने और तैयार करने की योजना बनाई गई थी। लक्ष्मण ने कहा कि टीम मैनेजमेंट केवल खिलाड़ी के प्रदर्शन को नहीं देखता, बल्कि उसके व्यक्तित्व और मानसिक विकास पर भी ध्यान देता है। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी को बेहतर बनाने के लिए यह समझना जरूरी होता है कि उसके लिए क्या सही है और उसे किस तरह तैयार किया जाए।
व्यक्ति के तौर पर वैभव में आया बड़ा बदलाव
भारतीय टीम के कोच वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि वह इस बात से काफी प्रभावित हैं कि वैभव सूर्यवंशी ने एक इंसान के तौर पर काफी परिपक्वता दिखाई है। कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव संभालना आसान नहीं होता, लेकिन वैभव ने अपनी समझदारी से सभी को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि अब उनके खेल के साथ-साथ फिटनेस पर भी लगातार काम करने की जरूरत है।
15 साल की उम्र में रचा इतिहास
वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए इतिहास रच दिया। उनकी मैच जिताऊ पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इसके साथ ही वह भारतीय पुरुष क्रिकेट इतिहास में यह पुरस्कार जीतने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए।
सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा
वैभव ने महज 15 साल और 121 दिन की उम्र में प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीतकर महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सचिन तेंदुलकर ने वर्ष 1990 में मैनचेस्टर टेस्ट के दौरान 17 साल और 112 दिन की उम्र में अपना पहला प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार जीता था। अब वैभव इस उपलब्धि को हासिल करने वाले भारत के सबसे युवा पुरुष क्रिकेटर बन गए हैं।
प्लेयर ऑफ द सीरीज जीतकर बनाया नया रिकॉर्ड
वैभव का शानदार प्रदर्शन सिर्फ एक मुकाबले तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने तीन टी20 मैचों की सीरीज में कुल 151 रन बनाए और भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार भी मिला। इसके साथ ही वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह सम्मान हासिल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए।
वैभव बोले- सपना सच होने जैसा लग रहा है
पुरस्कार मिलने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उनके लिए सपना सच होने जैसा है। उन्होंने कहा कि पहली बार प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज बनना उनके लिए बेहद खास पल है। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली सफलता उन्हें आगे और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगी।
भारतीय क्रिकेट को मिला भविष्य का सितारा
वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन ने भारतीय क्रिकेट को एक नया युवा सितारा दिया है। कम उम्र में रिकॉर्ड बनाने वाले वैभव से अब क्रिकेट प्रशंसकों को भविष्य में भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है। हालांकि, वीवीएस लक्ष्मण की सलाह साफ है कि प्रतिभा के साथ फिटनेस पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है, ताकि वैभव लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट का अहम हिस्सा बने रह सकें।