कोलकाता: कोलकाता के बालिगंज इलाके में मिठाई को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, एक मिठाई की दुकान पर मिठाई खाने पहुंचे कुछ लोगों का विवाद हो गया।आरोप है कि मिठाई पसंद नहीं आने के बाद बीजेपी के एक युवा नेता और उनके समर्थक ने कथित तौर पर दबंगई की। मामला बालिगंज स्थित गुप्ता ब्रदर्स की मिठाई की दुकान का बताया जा रहा है। आरोप है कि विवाद के दौरान दुकान के कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई।मामले को लेकर अब पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।
कर्मचारी और मैनेजर से मारपीट का आरोप
आरोप है कि मिठाई को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। दुकान के कर्मचारी और मैनेजर के साथ कथित तौर पर बुरी तरह मारपीट की गई। घटना में दुकान के कर्मचारियों को चोट लगने का भी आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान दुकान में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दुकान प्रबंधन की ओर से घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस से शिकायत की गई। हालांकि, मारपीट की पूरी परिस्थितियों और घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है।
बीजेपी युवा नेता विवेक त्रिपाठी पर शिकायत
इस मामले में बालिगंज विधानसभा के मंडल-1 के बीजेपी युवा अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी के खिलाफ कड़ैया थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में उनके और उनके समर्थक पर दुकान में कथित तौर पर दादागिरी और मारपीट करने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता पक्ष ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस के पास शिकायत पहुंचने के बाद अब मामले की जांच शुरू होने की बात सामने आई है। पुलिस घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ कर सकती है और दुकान में लगे CCTV फुटेज की भी जांच की जा सकती है। हालांकि, पुलिस की ओर से जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। वहीं,आरोपी पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना भी अभी बाकी है।
शिकायत के बाद पुलिस जांच पर नजर
कड़ैया थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद अब पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजर है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि मिठाई को लेकर विवाद किस वजह से शुरू हुआ था। इसके साथ ही कथित मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे, इसकी भी जांच की जा सकती है। घटना के दौरान मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। दुकान के CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग से पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाने में मदद मिल सकती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी शिकायत और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले में पुलिस जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई और आरोपों की पुष्टि की स्थिति साफ होगी।