कूचबिहार: तृणमूल कांग्रेस छोड़कर एनसीपीआई में शामिल होने के करीब तीन महीने बाद कूचबिहार के सांसद जगदीश बसुनिया अपने घर लौटे, लेकिन हालात ऐसे बने कि उन्हें रात में वहां रुकना नहीं पड़ा। शाम के समय सांसद सीताई की तृणमूल विधायक संगीता राय के साथ कड़ी सुरक्षा के बीच अपने घर पहुंचे थे। उनके घर लौटने की खबर फैलते ही देर रात सीताई चौपथी पर बड़ी संख्या में लोग जमा होने लगे। इसके बाद भीड़ सांसद के घर की ओर बढ़ने लगी और वहां पहुंचने के लिए जुलूस निकाला गया। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस के साथ केंद्रीय बलों की भी तैनाती करनी पड़ी। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद जुलूस को तितर-बितर किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की थी मुलाकात
तृणमूल कांग्रेस छोड़कर एनसीपीआई में शामिल होने के बाद कूचबिहार के सांसद जगदीश बसुनिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नाश्ता किया था। इस मुलाकात की चर्चा के बाद वह दिल्ली के बंग भवन भी पहुंचे थे। वहां उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को कई बार फूलों का गुलदस्ता भेंट किया था। इन घटनाओं के करीब तीन महीने बाद सांसद अपने घर लौटे। लेकिन घर लौटने के बाद वह वहां रात में रुक नहीं सके।
कड़ी सुरक्षा के बीच घर पहुंचे सांसद
जगदीश बसुनिया शाम के समय सीताई स्थित अपने घर पहुंचे थे। उनके साथ सीताई की ऋतब्रत समर्थक तृणमूल विधायक संगीता राय भी थीं। सांसद के घर लौटने के दौरान कड़ी पुलिस सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी। पुलिस की मौजूदगी में सांसद और विधायक घर पहुंचे। उस समय तक स्थिति नियंत्रण में थी। लेकिन बाद में सांसद के घर लौटने की खबर इलाके में फैल गई।
आधी रात को सीताई चौपथी पर जुटी भीड़
सांसद के घर लौटने की खबर सामने आने के बाद आधी रात को सीताई चौपथी पर बड़ी संख्या में लोग जमा होने लगे। धीरे-धीरे लोगों की संख्या बढ़ती गई। इसके बाद सीताई चौपथी से सांसद के घर की ओर लोगों का जुलूस शुरू हो गया। जुलूस में शामिल लोगों के पहुंचने की जानकारी मिलते ही प्रशासन भी सतर्क हो गया। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस और केंद्रीय बलों को भेजा गया।
पुलिस और केंद्रीय बलों ने संभाला मोर्चा
सांसद के घर की ओर बढ़ रहे जुलूस को रोकने के लिए पुलिस ने हस्तक्षेप किया। मौके पर केंद्रीय बलों के साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद थे। पुलिस की कार्रवाई के बाद जुलूस को वहीं से तितर-बितर कर दिया गया। इसके बाद इलाके में स्थिति को संभालने की कोशिश की गई। पुलिस और केंद्रीय बलों की मौजूदगी के बीच स्थिति को नियंत्रित किया गया। इस दौरान सांसद के घर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
रात दो बजे विधायक के साथ सीताई से निकले सांसद
स्थिति को बिगड़ता देख सांसद जगदीश बसुनिया ने रात में सीताई से निकलने का फैसला किया। रात करीब दो बजे वह सीताई की विधायक संगीता राय को अपने साथ लेकर वहां से रवाना हो गए। इस तरह घर लौटने के कुछ ही घंटों बाद उन्हें सीताई छोड़ना पड़ा। वह रात अपने घर में नहीं रुक सके। पूरी घटना के दौरान पुलिस और केंद्रीय बलों की मौजूदगी बनी रही।
तीन महीने बाद घर लौटे, लेकिन नहीं रुक सके
जगदीश बसुनिया के लिए घर वापसी का यह सफर सामान्य नहीं रहा। तृणमूल कांग्रेस छोड़कर एनसीपीआई में शामिल होने के करीब तीन महीने बाद वह अपने घर लौटे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नाश्ता करने और दिल्ली के बंग भवन में सुवेंदु अधिकारी को फूलों का गुलदस्ता देने के बाद उनकी वापसी हुई थी। लेकिन घर पहुंचने के बाद आधी रात को भीड़ जुटने और जुलूस निकलने की स्थिति बन गई। इसके बाद सुरक्षा कारणों से उन्हें रात में ही सीताई छोड़ना पड़ा।