कॉफी दुनिया के सबसे लोकप्रिय पेय पदार्थों में शामिल है और करोड़ों लोग अपने दिन की शुरुआत इसके साथ करते हैं। लंबे समय तक यह माना जाता रहा कि अधिक कॉफी पीना हृदय के लिए नुकसानदायक हो सकता है, लेकिन अब प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका सर्कुलेशन में प्रकाशित एक नई वैज्ञानिक समीक्षा ने इस धारणा को नई दिशा दी है। शोधकर्ताओं के अनुसार सामान्य मात्रा में कैफीन का सेवन अधिकांश स्वस्थ वयस्कों के लिए सुरक्षित है और इससे हृदय रोग, स्ट्रोक तथा हृदय विफलता जैसी गंभीर समस्याओं का जोखिम कम हो सकता है। हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुरक्षित मात्रा से अधिक कैफीन का सेवन विशेष रूप से ऊर्जा बढ़ाने वाले पेय पदार्थों के माध्यम से करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
रोजाना 400 मिलीग्राम तक कैफीन को माना गया सुरक्षित
शोधकर्ताओं के अनुसार अधिकांश स्वस्थ वयस्क प्रतिदिन 400 मिलीग्राम तक कैफीन का सेवन सुरक्षित रूप से कर सकते हैं। यह मात्रा लगभग पांच कप बिना चीनी, बिना क्रीम और बिना अतिरिक्त फ्लेवर वाली कॉफी के बराबर मानी जाती है। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सैन फ्रांसिस्को स्कूल ऑफ मेडिसिन के विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य सीमा में कैफीन का सेवन हृदय संबंधी जोखिम नहीं बढ़ाता। हालांकि प्रत्येक व्यक्ति के शरीर में कैफीन का प्रभाव अलग-अलग हो सकता है, क्योंकि यह आनुवंशिक संरचना, उम्र, चयापचय की गति और पहले से कैफीन के सेवन की आदत पर निर्भर करता है। इसलिए जिन लोगों को पहले से हृदय रोग, उच्च रक्तचाप या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उन्हें चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही कैफीन का सेवन करना चाहिए।
दिल की सेहत के लिए कैसे फायदेमंद हो सकती है कॉफी
अध्ययन में यह पाया गया कि बिना चीनी और अतिरिक्त वसा वाले पदार्थों के साथ ली जाने वाली कैफीन युक्त कॉफी टाइप-2 मधुमेह, हृदय रोग, स्ट्रोक, हृदय विफलता और कुछ प्रकार की अनियमित हृदय धड़कनों के जोखिम को कम करने से जुड़ी हुई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि कॉफी में मौजूद जैव सक्रिय तत्व केवल कैफीन ही नहीं, बल्कि कई प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो शरीर में सूजन कम करने और रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इन संभावित लाभों की पुष्टि के लिए विभिन्न आयु वर्गों और स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों पर और अधिक दीर्घकालिक अनुसंधान की आवश्यकता है।
एनर्जी ड्रिंक और अधिक कैफीन से बढ़ सकता है खतरा
शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि सुरक्षित सीमा से अधिक कैफीन का सेवन विशेष रूप से ऊर्जा बढ़ाने वाले पेय पदार्थों और ऊर्जा शॉट्स के माध्यम से करने पर स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं। अधिक मात्रा में कैफीन लेने से उच्च रक्तचाप, हृदय की धड़कन का अनियमित होना, घबराहट, अनिद्रा और बेचैनी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। विशेष रूप से किशोरों, गर्भवती महिलाओं तथा पहले से हृदय रोग से पीड़ित लोगों को ऐसे पेय पदार्थों के सेवन में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कैफीन का स्रोत भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितनी उसकी मात्रा।
चीनी, क्रीम और फ्लेवर घटा सकते हैं कॉफी के संभावित लाभ
अध्ययन में यह भी सामने आया कि कॉफी के संभावित स्वास्थ्य लाभ मुख्य रूप से सादी कॉफी से जुड़े हैं। यदि उसमें अधिक मात्रा में चीनी, फ्लेवर्ड सिरप, क्रीम या अन्य उच्च कैलोरी वाले पदार्थ मिला दिए जाएं, तो उसके लाभ कम हो सकते हैं। अतिरिक्त चीनी और संतृप्त वसा न केवल शरीर का वजन बढ़ा सकती हैं, बल्कि मधुमेह और हृदय रोग के जोखिम को भी बढ़ा सकती हैं। इसलिए विशेषज्ञों का सुझाव है कि यदि कोई व्यक्ति स्वास्थ्य लाभ के उद्देश्य से कॉफी का सेवन करता है, तो उसे यथासंभव सादा या कम चीनी वाली कॉफी चुननी चाहिए।
हर व्यक्ति पर कैफीन का असर अलग हो सकता है
वैज्ञानिकों का कहना है कि कैफीन का शरीर पर प्रभाव सभी लोगों में समान नहीं होता। कुछ लोग कम मात्रा में भी घबराहट या नींद की समस्या महसूस कर सकते हैं, जबकि कुछ लोग अपेक्षाकृत अधिक मात्रा को भी आसानी से सहन कर लेते हैं। इसके अलावा चाय, चॉकलेट, शीतल पेय, ऊर्जा पेय और कुछ दवाओं के माध्यम से भी शरीर में कैफीन पहुंचती है। इसलिए प्रतिदिन कुल कैफीन सेवन का आकलन करना आवश्यक है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि यदि कैफीन लेने के बाद धड़कन तेज होना, बेचैनी, अनिद्रा या रक्तचाप बढ़ने जैसी समस्याएं महसूस हों, तो चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए और कैफीन की मात्रा कम करनी चाहिए।