पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों से ‘विश्व बांग्ला’ लोगो हटाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। कई प्रमुख सार्वजनिक स्थानों और सरकारी ढांचे पर यह बदलाव स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है, जहां पुराने प्रतीकों को नए राष्ट्रीय प्रतीकों से बदला जा रहा है।
सरकारी वेबसाइटों में बदलाव
राज्य सरकार के सभी आधिकारिक पोर्टल्स, जिनमें ‘एगिए बांग्ला’ भी शामिल है, से ‘विश्व बांग्ला’ लोगो को हटाकर अब अशोक स्तंभ का उपयोग किया जा रहा है। इससे सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी नया दृश्य बदलाव देखने को मिल रहा है।
सार्वजनिक स्थानों और चौराहों पर कार्रवाई
कोलकाता के प्रमुख स्थलों जैसे युवाभारती क्रीड़ांगन, मिलन मेला टॉवर और पार्क सर्कस के पास स्थित ग्लोब से ‘विश्व बांग्ला’ लोगो हटाया गया है। अब इन स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज के रंगों और प्रतीकों को प्रमुखता दी जा रही है।
नए दिशानिर्देश और प्रशासनिक कार्रवाई
कोलकाता महानगर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, नए प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धातु और कंक्रीट से बने ‘विश्व बांग्ला’ लोगो को हटाया जाए। जहां यह पेंट के रूप में मौजूद था, वहां भी उसे ढककर नए रंग और डिज़ाइन लागू किए जा रहे हैं।