चीन इन दिनों लगातार चरम मौसमी घटनाओं का सामना कर रहा है। मध्य चीन के हुबेई प्रांत में आए शक्तिशाली आंधी-तूफान ने व्यापक जनधन की क्षति पहुंचाई है। सरकारी मीडिया के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम आठ लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि अनेक क्षेत्रों में जनजीवन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। तेज हवाओं और भारी वर्षा के कारण सड़क यातायात, बिजली आपूर्ति तथा दैनिक गतिविधियां बाधित हुई हैं। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं तथा स्थानीय नागरिकों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।
149 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने बढ़ाया संकट
सोमवार शाम को हुबेई प्रांत के हुआंगशी, हुआंगगांग, एझोउ और शियानिंग जैसे शहरों में महज कुछ घंटों के भीतर अत्यंत तेज गति से हवाएं चलीं, जिनकी रफ्तार लगभग 149 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। इतनी तेज हवाओं के कारण अनेक इमारतों, विद्युत लाइनों, पेड़ों और सार्वजनिक संरचनाओं को नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी तीव्र गति वाली हवाएं सामान्य आंधी की तुलना में कहीं अधिक विनाशकारी होती हैं और इनके साथ होने वाली भारी वर्षा स्थिति को और गंभीर बना देती है।
भारी वर्षा और भूस्खलन की चेतावनी से बढ़ी चिंता
चीन के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले चौबीस घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र गुआंग्शी तथा पूर्वी प्रांतों जिआंगसू और शेडोंग में कुछ स्थानों पर 260 मिलीमीटर तक वर्षा होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। लगातार होने वाली बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर और दक्षिणी क्षेत्रों में बवंडर जैसी खतरनाक मौसमी घटनाओं की भी संभावना जताई है। इन चेतावनियों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
कृषि उत्पादन और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है व्यापक असर
हुबेई और शेडोंग चीन के प्रमुख कृषि उत्पादक क्षेत्रों में शामिल हैं, जहां बड़ी मात्रा में मक्का, मूंगफली, सब्जियां और अन्य फसलों की खेती की जाती है। बेमौसम आंधी और अत्यधिक वर्षा के कारण खेतों में खड़ी फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचने की आशंका व्यक्त की जा रही है। यदि प्रतिकूल मौसम लंबे समय तक बना रहता है, तो इसका प्रभाव कृषि उत्पादन, खाद्य आपूर्ति और स्थानीय किसानों की आय पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ रही चरम मौसमी घटनाएं वैश्विक खाद्य सुरक्षा और कृषि अर्थव्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं।
‘सुपर टाइफून बावी’ ने बढ़ाई आपदा की आशंका
चीन के सामने फिलहाल केवल आंधी और वर्षा की चुनौती ही नहीं है, बल्कि प्रशांत महासागर से तेजी से आगे बढ़ रहा सुपर टाइफून ‘बावी’ भी नई चिंता का कारण बन गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह शक्तिशाली चक्रवाती तंत्र ताइवान और चीन के तटीय क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है, जिसके मद्देनजर संबंधित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। वैज्ञानिक लगातार यह भी संकेत दे रहे हैं कि जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया भर में चरम मौसमी घटनाओं की आवृत्ति और तीव्रता बढ़ रही है। यही वजह है कि चीन सहित अनेक देशों को हर वर्ष बाढ़, तूफान, सूखा और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य की ऐसी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन, मौसम पूर्वानुमान प्रणाली और जलवायु अनुकूल विकास रणनीतियों को और अधिक मजबूत बनाना समय की आवश्यकता है।