उत्तरप्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के चलते कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गंगा और घाघरा समेत 6 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि 13 जिलों में बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। एक लाख से ज्यादा लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी बाजार तक पहुंच गया है और सड़कों पर नावें चल रही हैं।
छह नदियां खतरे के निशान के ऊपर
लगातार बारिश के कारण प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। गंगा और घाघरा समेत छह नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। कई इलाकों में पानी घरों और सड़कों तक पहुंच गया है।चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी बाजार तक पहुंचने के बाद हालात गंभीर हो गए हैं। सड़कों पर नाव चलाने की स्थिति बन गई है। बाढ़ के कारण गुप्त गोदावरी की दोनों गुफाओं को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।
बहराइच से प्रयागराज तक बाढ़ का असर
बहराइच के कई गांव पानी में डूब गए हैं। वहीं प्रयागराज में गंगा और यमुना दोनों नदियां उफान पर हैं। रिवर फ्रंट रोड पूरी तरह डूब गई है। गंगा का पानी लेटे हुए हनुमान मंदिर कॉरिडोर तक पहुंच चुका है।
प्रयागराज के कई निचले इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। दारागंज, करेली और सलोरी में घरों के अंदर करीब तीन फीट तक पानी भर गया है। हालात को देखते हुए 2 हजार से ज्यादा छात्रों ने हॉस्टल खाली कर दिए हैं।
मोहाना नदी में नाव पलटी, दो ग्रामीण लापता
लखीमपुर खीरी में मोहाना नदी में नाव पलटने से चार ग्रामीण हादसे का शिकार हो गए। बताया गया कि ग्रामीण घास काटकर वापस लौट रहे थे, तभी नाव पलट गई।हादसे में दो लोग सुरक्षित बच गए, जबकि दो ग्रामीण अभी लापता हैं। उनकी तलाश के लिए NDRF की टीम अभियान चला रही है।
42 जिलों में हुई बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान उत्तर प्रदेश के 42 जिलों में बारिश दर्ज की गई। ललितपुर में सबसे ज्यादा 39.6 मिमी, चित्रकूट में 36.8 मिमी और महोबा में 24.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।लखनऊ में भी शुक्रवार शाम करीब 7 बजे बारिश हुई। दारुलशफा विधायक निवास परिसर में पानी भर गया।
शनिवार को 66 जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने शनिवार को उत्तरप्रदेश के 66 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।