जलपाईगुड़ी: पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा में पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की संयुक्त कार्रवाई में कथित नशीले पदार्थ और जाली नोटों के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। बुधवार रात हुई छापेमारी में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, शिक्षक अपने किराए के मकान में कथित तौर पर ब्राउन शुगर तैयार करने और उसकी सप्लाई से जुड़ी गतिविधियां चला रहा था। जांच में जाली भारतीय मुद्रा से जुड़े मामले का एंगल भी सामने आया है।
गुप्त सूचना पर किराए के मकान में छापेमारी
राज्य पुलिस टास्क फोर्स से मिले इनपुट के आधार पर जलपाईगुड़ी जिला पुलिस और SSB की 46वीं बटालियन ने रात करीब 9:30 बजे नागराकाटा के चौछड़िया मोड़ स्थित एक किराए के मकान में तलाशी अभियान चलाया। शुरुआती तलाशी में करीब 8.39 लाख रुपये नकद और कुछ संदिग्ध जाली नोट मिलने की बात सामने आई। इसके बाद SSB के प्रशिक्षित स्निफर डॉग ‘मार्फी’ की मदद से परिसर की दोबारा तलाशी ली गई। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान करीब 67-68 ग्राम प्रसंस्कृत ब्राउन शुगर, इसे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों से सने कपड़े, पैकेजिंग सामग्री और वजन करने के उपकरण बरामद किए गए।
सरकारी स्कूल का शिक्षक मुख्य आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में रंजीत कुमार सिकदार को मुख्य आरोपी बताया गया है। वह नागराकाटा के लाल बहादुर शास्त्री स्कूल में भूगोल के शिक्षक के रूप में कार्यरत बताया गया है और मूल रूप से मालदा के बामनगोला का निवासी है। जांच अधिकारियों के अनुसार, वह कथित तौर पर मालदा से कच्चा माल लाकर किराए के मकान में उसे प्रोसेस करता था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गतिविधि से जुड़े नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था। पुलिस के मुताबिक, सिकदार पहले भी नशीले पदार्थों से जुड़े एक मामले में जेल जा चुका है। दूसरे आरोपी की पहचान धीरज/धीराज महातो के रूप में हुई है। वह कूचबिहार के पुंडीबारी का रहने वाला बताया गया है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि वह कथित तौर पर नशीले पदार्थों की डिलीवरी में सहयोग करता था।
जाली नोट मिलने से बढ़ी जांच
तलाशी के दौरान करीब 1 लाख रुपये मूल्य के संदिग्ध जाली भारतीय नोट मिलने की भी बात सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित ड्रग्स नेटवर्क और जाली नोटों के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं। साथ ही मालदा, डुआर्स और पूर्वोत्तर राज्यों तक संभावित नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद पुलिस रिमांड में भेजे जाने की जानकारी है। पुलिस अब बरामद सामान, वित्तीय लेनदेन और आरोपियों के संपर्कों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है।