मुंबई -‘वंदे मातरम्’ के छंदों को लेकर अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के बयान पर कंगना रनौत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। शर्मिला टैगोर ने कहा था कि एक ईश्वर में विश्वास रखने वाले कुछ लोगों के लिए राष्ट्रगीत के बाद के छंदों में देवी-देवताओं के उल्लेख के कारण उन्हें गाना कठिन लग सकता है। उन्होंने सभी धर्मों को साथ लेकर चलने के लिए शुरुआती दो छंदों को पर्याप्त बताया था।
कंगना ने क्या कहा?
शर्मिला टैगोर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना रनौत ने कहा कि कविता और कला को केवल धार्मिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की भावना और राष्ट्र की शक्ति का प्रतीक है। बीजेपी नेता कंगना ने ‘शक्ति’ के उल्लेख को ऊर्जा और सामर्थ्य का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसे सिर्फ धार्मिक दृष्टिकोण से देखना उचित नहीं है।
स्वामी विवेकानंद का दिया हवाला
भारतीय जनता पार्टी की फायर नेत्री कंगना रनौत ने अपने जवाब में स्वामी विवेकानंद के विचारों का भी जिक्र किया। उन्होंने शर्मिला टैगोर से अपील की कि उन्हें ‘हिंदू-मुस्लिम वाली सोच’ से बाहर आना चाहिए और अलग-अलग आस्था रखने वाले लोगों को एक-दूसरे को अपना मानकर साथ चलना चाहिए। कंगना का कहना है कि भारत में विभिन्न धर्मों और आस्थाओं के लोग रहते हैं और राष्ट्र को एकजुट रखने के लिए आपसी सम्मान जरूरी है।
शर्मिला टैगोर ने क्या कहा था?
शर्मिला टैगोर ने ‘वंदे मातरम्’ के बाद के छंदों में देवी-देवताओं के उल्लेख को लेकर कहा था कि एक ईश्वर में विश्वास रखने वाले लोगों के लिए ‘वंदे काली’ या ‘वंदे दुर्गा’ जैसे संदर्भों को गाना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा था कि अगर भारत में सभी धर्मों के लोगों को साथ लेकर चलना है तो गीत के शुरुआती दो छंद पर्याप्त हो सकते हैं। इस बयान के बाद ‘वंदे मातरम्’ को लेकर एक बार फिर राष्ट्रवाद, आस्था और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी बहस तेज हो गई है।
बाबा रामदेव से भी भिड़ चुकी हैं कंगना
शर्मिला टैगोर से विवाद के बीच कंगना रनौत का बाबा रामदेव के साथ हालिया जुबानी विवाद भी चर्चा में है। Gen-Z को लेकर कंगना की टिप्पणी पर बाबा रामदेव ने सवाल उठाए थे और उनकी निजी जिंदगी का जिक्र करते हुए उनकी आलोचना की थी। इसके बाद कंगना ने सोशल मीडिया पर रामदेव को करारा जवाब देते हुए कहा कि “बाबाजी मेरी जवानी और बेडरूम के बारे में दिन में सपने मत देखिए”। उन्होंने आगे रामदेव से कहा कि उन्हें उनके चरित्र पर सवाल उठाने या चरित्र का पाठ पढ़ाने का अधिकार नहीं है।
कंगना ने अपने पलटवार में पतंजलि से जुड़े विवाद और सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई का भी संदर्भ दिया। इस बयान के बाद दोनों के बीच जुबानी जंग सोशल मीडिया और मीडिया में खूब चर्चा में रही।