घाटाल/पश्चिम मेदिनीपुर: पश्चिम बंगाल के घाटाल से तृणमूल कांग्रेस के अभिनेता-सांसद देव (दीपक अधिकारी) के निजी सहायक (PA) रामपद मन्ना के खिलाफ लगे विवादित पोस्टरों और होर्डिंग्स को लेकर स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। घाटाल-पांशकुड़ा राज्य मार्ग सहित घाटाल और दासपुर के विभिन्न हिस्सों में ऐसे कई पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए गए हैं, जिनमें सांसद के पीए पर भ्रष्टाचार और कटमनी लेने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन पोस्टरों को किसने लगाया है, इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
होर्डिंग्स में '30 परसेंट कटमनी' और सिंडिकेट राज का आरोप
क्षेत्र में लगे पोस्टरों में सांसद देव की तस्वीर के साथ उनके पीए रामपद मन्ना पर सीधे निशाना साधा गया है। होर्डिंग्स पर लिखा गया है कि '30 परसेंट कटमनी' लेने वाले और घाटाल शिशु मेला में पैसों की लूट करने वाले पीए अब कहां हैं? इसके अलावा सड़क टेंडर आवंटन, बालू-मिट्टी चोरी के सिंडिकेट राज और नौकरियों के बदले अवैध वसूली के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

टीएमसी और बीजेपी नेताओं की ओर से आई तीखी प्रतिक्रियाएं
पोस्टरों को लेकर तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता सौमित्र सिंह राय ने तंज कसते हुए कहा कि प्रमोटर राज, सड़क टेंडर में लूट और बालू-मिट्टी सिंडिकेट चलाने वाला मास्टरमाइंड अब कहां छिपा है और क्या वह बीजेपी में शामिल होने का इंतजार कर रहा है? वहीं दूसरी ओर, दासपुर के बीजेपी नेता प्रशांत बेरा ने सांसद देव को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि क्षेत्र में आपदा और बाढ़ जैसी स्थिति के दौरान जनता को सांसद दिखाई नहीं दे रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्थिति का जायजा लिया है। उन्होंने कहा कि इन्हीं कारणों से आम जनता में टीएमसी नेताओं के खिलाफ गुस्सा है।
देव या उनके पीए की तरफ से नहीं आई कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया
घाटाल और दासपुर इलाके में इन होर्डिंग्स को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बावजूद अभी तक सांसद देव या उनके पीए रामपद मन्ना की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस मामले पर उनका पक्ष आने का इंतजार किया जा रहा है।