कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के पहले 100 दिन पूरे होने के अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलों में पत्रकार सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। इन सम्मेलनों के माध्यम से सरकार की ओर से पहले 100 दिनों में किए गए कार्यों, लिए गए फैसलों और शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। भाजपा का दावा है कि सरकार ने विकास, सुशासन, निवेश, रोजगार, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार की ओर से उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने पर भी जोर दिया गया है। वहीं, भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई और प्रशासन में राजनीतिक हस्तक्षेप कम करने की बात कही गई है। भाजपा के अनुसार, इन 100 दिनों में लिए गए फैसले आने वाले समय में राज्य के विकास की दिशा तय करेंगे।
उद्योग और निवेश को मिली नई गति
भाजपा सरकार के अनुसार, पहले 100 दिनों के भीतर पश्चिम बंगाल को लगभग 54 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए 5 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रोत्साहन ढांचे की पहल की है। 100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाले प्रस्तावों के लिए एकल खिड़की मंजूरी व्यवस्था लागू करने की बात कही गई है। युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए 100 करोड़ रुपये के स्टार्टअप फंड के गठन की पहल भी की गई है। हावड़ा के सांकराइल में अमूल की बड़ी डेयरी परियोजना को महत्वपूर्ण निवेश के तौर पर पेश किया गया है। डानकुनी में लक्स कोजी के निवेश और श्याम स्टील के करीब 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश से रोजगार के नए अवसर पैदा होने का दावा किया गया है। भाजपा का कहना है कि राज्य में उद्योगों के विस्तार से युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सकेगा।
सुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम
सरकार ने प्रशासन में राजनीतिक हस्तक्षेप को कम करने और सरकार तथा संगठन को अलग रखने की नीति पर जोर दिया है। भाजपा के अनुसार, कटमनी, सिंडिकेट, अवैध टोल वसूली और अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अलग-अलग टोल-फ्री हेल्पलाइन शुरू की गई हैं। कटमनी से जुड़ी शिकायतों के लिए 155334 नंबर जारी किया गया है। सिंडिकेट भ्रष्टाचार और संगठित अपराध की शिकायत के लिए 155335 नंबर दिया गया है। अवैध सड़क कर और टोल वसूली के लिए 155337 तथा अवैध शराब कारोबार के लिए 155339 हेल्पलाइन बताई गई है। सरकार का कहना है कि वास्तविक शिकायतों पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही झूठी शिकायतों के जरिए किसी व्यक्ति को परेशान करने के प्रयासों को भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महिला सुरक्षा को लेकर नई पहल
महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार की ओर से सड़कों पर दुर्गा सुरक्षा दल और पिंक पेट्रोल की गश्त शुरू करने की जानकारी दी गई है। पुलिस व्यवस्था में महिलाओं से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया गया है। प्रत्येक थाने में साइबर सहायता डेस्क स्थापित करने की पहल की गई है। प्रत्येक उपमंडल में महिला पुलिस थाना और प्रत्येक थाने में महिला सहायता केंद्र स्थापित करने की योजना बताई गई है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करना है। साइबर अपराध से प्रभावित महिलाओं और युवतियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है। भाजपा का दावा है कि इन कदमों से राज्य में महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित माहौल तैयार होगा।
सीमा सुरक्षा को किया जाएगा मजबूत
राज्य की सीमा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीमा सुरक्षा बल को 1,000 एकड़ से अधिक भूमि हस्तांतरित किए जाने की जानकारी दी गई है। सरकार का कहना है कि सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। सीमा से जुड़े संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। भूमि हस्तांतरण से सीमा सुरक्षा बल के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के विस्तार का रास्ता साफ होने का दावा किया गया है। इसके जरिए सीमा पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। सरकार ने इसे राज्य की आंतरिक और सीमा सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया है। आने वाले समय में सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की बात कही गई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े फैसले
स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने की पहल की गई है। न्यू टाउन में 2,000 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक अस्पताल के निर्माण की योजना बताई गई है। इसमें 1,000 बिस्तर गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए आरक्षित रखने की बात कही गई है। उत्तर बंगाल में एम्स और अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल विकसित करने की योजनाओं का भी उल्लेख किया गया है। सुंदरबन और जंगलमहल में आधुनिक सरकारी अस्पताल स्थापित करने की योजना बताई गई है। उत्तर बंगाल में एम्स की तर्ज पर आयुष अस्पताल बनाने की पहल भी की गई है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों के भोजन के लिए दैनिक आवंटन 56 रुपये से बढ़ाकर 110 रुपये किए जाने की जानकारी दी गई है।
महिलाओं और सामाजिक सुरक्षा पर जोर
महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए अन्नपूर्णा योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था बताई गई है। वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और दिव्यांगजनों के मासिक भत्ते में 500 रुपये की वृद्धि किए जाने की जानकारी दी गई है। सरकार की ओर से आवास योजना के तहत 10 लाख से अधिक लाभार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का दावा किया गया है। प्रत्येक किस्त में 60 हजार रुपये की सहायता दिए जाने की बात कही गई है। भाजपा का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सीधी राहत देना है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों को आर्थिक सहारा देने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार के अनुसार, जनकल्याण उसकी प्राथमिक कार्यसूची का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रोजगार के क्षेत्र में बड़े लक्ष्य
युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अगले वर्ष 1 लाख सरकारी नौकरियां देने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की गई है। सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को भी महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल लोक सेवा आयोग के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों में 25 हजार से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है। सरकार का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकारी भर्तियों के साथ निजी निवेश को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उद्योगों में निवेश बढ़ने से निजी क्षेत्र में भी रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है। भाजपा ने कहा है कि उसका लक्ष्य बंगाल के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर होने से रोकना है।
शिक्षा और विद्यार्थियों के कल्याण पर फोकस
बंगाली माध्यम के सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 296 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की पहल की गई है। सरकार ने मध्याह्न भोजन के लिए आवंटन बढ़ाने और भोजन की गुणवत्ता सुधारने के कदम उठाए हैं। सरकारी स्कूलों में छात्राओं की सुविधा के लिए सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सरकार के अनुसार, 10 लाख से अधिक छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह पहल की जा रही है। राज्य की विभिन्न लाइब्रेरियों की करीब 35 हजार किताबों को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की योजना भी बताई गई है। सरकारी कामकाज में बंगाली भाषा के उपयोग को बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। भाजपा का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने का प्रयास किया जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण
पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत राज्यभर में 2 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए जाने का दावा किया गया है। सरकार ने बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण को पर्यावरण संतुलन के लिए महत्वपूर्ण बताया है। इस अभियान के जरिए आम लोगों को भी पौधारोपण से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। सरकार के अनुसार, अधिक से अधिक हरित क्षेत्र विकसित करना पर्यावरण नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पौधारोपण को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इसके साथ ही आने वाले समय में वृक्षों के संरक्षण और देखभाल पर भी ध्यान देने का लक्ष्य रखा गया है। भाजपा का दावा है कि पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ने की कोशिश की जा रही है।
हवाई संपर्क और बुनियादी ढांचे के विस्तार की योजना
राज्य में हवाई संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुरुलिया, बालुरघाट और मालदा में नए हवाई अड्डों के निर्माण की पहल की गई है। इसके अलावा कल्याणी में दूसरे हरित क्षेत्र हवाई अड्डे के निर्माण की योजना भी सामने रखी गई है। सरकार का मानना है कि बेहतर हवाई संपर्क से व्यापार, उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पिछड़े और दूरदराज के क्षेत्रों को बड़े शहरों से जोड़ने में भी इन परियोजनाओं की भूमिका महत्वपूर्ण बताई गई है। नए हवाई अड्डों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है। बुनियादी ढांचे के विस्तार को राज्य में निवेश आकर्षित करने से भी जोड़ा जा रहा है। सरकार के अनुसार, आने वाले समय में संपर्क व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
आम लोगों के लिए सस्ती भोजन व्यवस्था
जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत ‘मां आहार’ कैंटीन के माध्यम से आम लोगों को सस्ती दरों पर मछली-भात उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। सरकार का उद्देश्य कम आय वाले लोगों को किफायती दर पर भोजन उपलब्ध कराना बताया गया है। इस योजना के जरिए कामकाजी लोगों, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों को राहत देने की कोशिश की जा रही है। शहरों और प्रमुख क्षेत्रों में सस्ती भोजन व्यवस्था को विस्तार देने पर जोर दिया जा रहा है। भाजपा का कहना है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। भोजन, स्वास्थ्य, आवास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को इसी दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया है। सरकार के अनुसार, आने वाले समय में ऐसी योजनाओं का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।
भाजपा का दावा- बंगाल में ही मिलेगा रोजगार
पश्चिम बंगाल भाजपा की ओर से कहा गया है कि बंगाल के बेटे-बेटियों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत न पड़े, इसके लिए राज्य में ही उद्योग, निवेश और रोजगार का वातावरण तैयार किया जाएगा। पार्टी का दावा है कि पहले 100 दिनों में लिए गए फैसलों से इसी दिशा में आधार तैयार किया गया है। निवेश प्रस्तावों, नई औद्योगिक परियोजनाओं और सरकारी भर्तियों को रोजगार से जोड़कर देखा जा रहा है। महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा को भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया गया है। भाजपा के अनुसार, सुशासन और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के जरिए प्रशासन में आम लोगों का भरोसा बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी ने इन 100 दिनों को सरकार की विकास नीति की शुरुआत बताया है। आने वाले समय में योजनाओं और परियोजनाओं को और व्यापक स्तर पर लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
100 दिन को बताया बदलाव की शुरुआत
भाजपा के अनुसार, सरकार के पहले 100 दिन केवल एक समयसीमा पूरी होने का अवसर नहीं हैं, बल्कि पश्चिम बंगाल में प्रशासनिक और विकासात्मक बदलाव की शुरुआत हैं। सरकार ने निवेश, रोजगार, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को अपनी प्राथमिकताओं में रखा है। विभिन्न योजनाओं के जरिए आम लोगों तक सीधे लाभ पहुंचाने का दावा किया गया है। वहीं, उद्योगों और निवेश को बढ़ावा देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाने की बात कही गई है। सरकार का लक्ष्य प्रशासन में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण स्थापित करना भी बताया गया है। भाजपा ने कहा है कि आने वाले दिनों में इन योजनाओं और फैसलों को और मजबूत किया जाएगा। पार्टी के अनुसार, इन प्रयासों के जरिए पश्चिम बंगाल को विकास, रोजगार और सुशासन के रास्ते पर आगे ले जाने की दिशा में काम जारी रहेगा।