कोलकाता: राज्य के मिठाई कारोबारियों और उद्यमियों के लिए राहत भरी पहल की तैयारी की जा रही है। मिठाई उद्योग की ओर से आयोजित एक बैठक में कारोबारियों ने अपने सामने आ रही कई परेशानियां मंत्री दिलीप घोष के सामने रखीं। इस दौरान संगठन की ओर से अपनी मांगों को लेकर उन्हें एक लिखित पत्र भी सौंपा गया। कारोबारियों ने चीनी और दूध जैसे जरूरी कच्चे माल की कमी के साथ-साथ सुरक्षा और कारोबार बढ़ाने में आ रही दिक्कतों की जानकारी दी। मंत्री दिलीप घोष ने कारोबारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उन पर जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिलाया। साथ ही उन्होंने मिठाई कारोबारियों को अपना काम बढ़ाने के लिए हरसंभव सुविधा देने की बात कही।
186 जगहों पर कारखाना बनाने की सुविधा
मिठाई कारोबारियों के लिए राज्य में 186 जगहों पर कारखाना बनाने की सुविधा उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई है। इन स्थानों पर मिठाई निर्माता अपने उत्पादन केंद्र स्थापित कर सकेंगे। इससे छोटे और मध्यम स्तर के कारोबारियों को अपने कारोबार को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। कारोबारियों को उत्पादन बढ़ाने के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले इन स्थानों का इस्तेमाल कारखाना निर्माण के लिए किया जा सकेगा। इससे मिठाई उद्योग से जुड़े लोगों को कारोबार विस्तार का नया अवसर मिलने की उम्मीद है। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
चीनी और दूध की कमी का मुद्दा उठा
सभा के दौरान मिठाई कारोबारियों ने उत्पादन में आने वाली सबसे बड़ी समस्याओं में कच्चे माल की कमी का मुद्दा उठाया। संगठन की ओर से मंत्री को सौंपे गए पत्र में चीनी और दूध की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने की बात कही गई। कारोबारियों के मुताबिक इन दोनों सामग्रियों की नियमित आपूर्ति प्रभावित होने से मिठाई उत्पादन में परेशानी होती है। कच्चे माल की कमी का सीधा असर कारोबार की लागत और उत्पादन क्षमता पर पड़ने की बात भी सामने रखी गई। कारोबारियों ने सरकार से पर्याप्त मात्रा में चीनी और दूध की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना है कि कच्चे माल की नियमित आपूर्ति होने से उत्पादन प्रक्रिया सुचारु हो सकेगी। इससे ग्राहकों की मांग के अनुसार मिठाई तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
जबरन वसूली और सुरक्षा को लेकर चिंता
मिठाई कारोबारियों ने कारोबार के दौरान सामने आने वाली सुरक्षा संबंधी समस्याओं को भी मंत्री के सामने रखा। अलग-अलग इलाकों में जबरन वसूली और डर दिखाकर पैसे मांगने जैसी शिकायतों का मुद्दा उठाया गया। कारोबारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से व्यापारियों में असुरक्षा का माहौल बनता है। संगठन की ओर से कारोबारियों और उनके प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करने की मांग की गई। कारोबारियों का कहना है कि सुरक्षित माहौल मिलने पर वे बिना किसी दबाव के अपना कारोबार चला सकेंगे। इस मुद्दे पर मंत्री ने कारोबारियों की शिकायतों को गंभीरता से देखने का आश्वासन दिया। सुरक्षा से जुड़े मामलों में जरूरी कदम उठाने की उम्मीद भी कारोबारियों ने जताई।
कारोबार शुरू करने और विस्तार के लिए ऋण सुविधा
मिठाई निर्माताओं के लिए ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने की बात भी सभा के दौरान सामने आई। मंत्री दिलीप घोष ने कारोबारियों को नया कारोबार शुरू करने और मौजूदा कारोबार का विस्तार करने के लिए ऋण सुविधा का आश्वासन दिया। इससे छोटे कारोबारियों को उत्पादन बढ़ाने में आर्थिक मदद मिल सकती है। नए कारखाने स्थापित करने के लिए भी वित्तीय सहायता कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। मिठाई उद्योग में आधुनिक मशीनों और अन्य जरूरी संसाधनों पर निवेश करने में भी ऋण सुविधा उपयोगी होगी। कारोबारियों को उम्मीद है कि आसान वित्तीय सहायता मिलने से उद्योग को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे मिठाई उत्पादन के क्षेत्र में नए उद्यमियों को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।
दूसरे राज्यों में कारोबार विस्तार की सलाह
मंत्री दिलीप घोष ने बंगाल के मिठाई कारोबारियों को दूसरे राज्यों में भी अपने कारोबार का विस्तार करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बंगाल की मिठाइयों की पहचान देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाई जा सकती है। कारोबारियों को नए बाजारों में संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया गया। दूसरे राज्यों में दुकानें, उत्पादन केंद्र या अन्य कारोबारी गतिविधियां शुरू करने से कारोबार का दायरा बढ़ सकता है। इससे बंगाल की पारंपरिक मिठाइयों को नए ग्राहक और बाजार मिल सकते हैं। कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा होने के साथ रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं। सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाओं और ऋण सहायता का इस्तेमाल कर कारोबारी इस दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।