घरों में मच्छरों से बचने के लिए लोग वर्षों से मच्छर अगरबत्ती, कॉइल और धुआं छोड़ने वाले रिपेलेंट उत्पादों का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। हालांकि अब इन्हीं उत्पादों को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कई अवैध और बिना मान्यता वाले उत्पादों से निकलने वाला धुआं शरीर के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। खासतौर पर बच्चों, बुज़ुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर इसका प्रभाव अधिक गंभीर हो सकता है।
HICA सर्वे ने बढ़ाई चिंता
हाल ही में नेशनल डेंगू डे के अवसर पर जारी ‘होम इंसेक्ट कंट्रोल एसोसिएशन’ यानी HICA के सर्वे ने इस खतरे को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। यह सर्वे मार्केट रिसर्च संस्था ‘कांतार’ द्वारा देश के 12 शहरों में कराया गया, जिसमें 1,264 परिवारों और 405 डॉक्टरों को शामिल किया गया। रिपोर्ट के अनुसार लगभग 70 प्रतिशत डॉक्टरों ने माना कि अवैध मच्छर अगरबत्तियों का धुआं सांस के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। वहीं 67 प्रतिशत डॉक्टरों ने इसे सिगरेट के धुएं जितना नुकसानदायक बताया।
लगातार धुआं फेफड़ों पर डाल सकता है असर
विशेषज्ञों के मुताबिक लंबे समय तक मच्छर अगरबत्ती या कॉइल का धुआं लेने से फेफड़ों और श्वसन तंत्र पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इससे खांसी, गले में खराश, सीने में जलन और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कई लोगों में आंखों में जलन और सिरदर्द की शिकायत भी देखने को मिलती है। यदि कमरों में पर्याप्त वेंटिलेशन न हो तो धुएं का असर और अधिक खतरनाक हो सकता है।
अस्थमा और एलर्जी मरीजों के लिए ज्यादा खतरा
डॉक्टरों का कहना है कि अस्थमा, एलर्जी और COPD जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों को ऐसे धुएं से विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चों और बुज़ुर्गों के फेफड़े अधिक संवेदनशील होते हैं, इसलिए इन पर इसका प्रभाव तेजी से पड़ सकता है। लगातार धुएं के संपर्क में रहने से सांस संबंधी रोग बढ़ने और फेफड़ों की कार्यक्षमता प्रभावित होने की आशंका रहती है।
बिना रजिस्ट्रेशन वाले उत्पादों से रहें सावधान
सर्वे में यह भी सामने आया कि बाजार में कई ऐसे उत्पाद बिक रहे हैं जिन पर जरूरी सरकारी रजिस्ट्रेशन नंबर तक मौजूद नहीं है। विशेषज्ञों ने लोगों से केवल प्रमाणित और मान्यता प्राप्त उत्पाद ही खरीदने की सलाह दी है। पैकिंग पर CIR रजिस्ट्रेशन नंबर देखना बेहद जरूरी बताया गया है, ताकि नकली और असुरक्षित उत्पादों से बचा जा सके।
सुरक्षित इस्तेमाल के लिए डॉक्टरों की सलाह
डॉक्टरों का कहना है कि यदि मच्छर भगाने वाले उत्पादों का उपयोग करना ही पड़े तो कमरे में हवा आने-जाने की उचित व्यवस्था जरूर होनी चाहिए। बच्चों और बुज़ुर्गों के कमरों में लगातार धुआं करने से बचना चाहिए। साथ ही अनब्रांडेड और बिना लेबल वाले उत्पादों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और सावधानी से इस संभावित खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।