फलता: पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक माहौल बेहद गर्म हो गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा कार्यकर्ताओं की सभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने टीएमसी नेता जहांगीर खान पर निशाना साधते हुए कहा कि “पुष्पा अब मेरी जिम्मेदारी है”, जिसके बाद सभा में राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज हो गई।
जहांगीर खान को सीधी चेतावनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक राजनीतिक दबाव में आम लोगों को वोट देने से रोका गया। शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि फलता के लोगों को अब पहली बार खुलकर मतदान करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने धमकी और दबाव की राजनीति की, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
“एक लाख वोटों से जिताइए भाजपा उम्मीदवार”
सभा के दौरान मुख्यमंत्री ने जनता से भाजपा प्रत्याशी को भारी मतों से जिताने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल जीत काफी नहीं है, बल्कि रिकॉर्ड अंतर से जीत जरूरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर भाजपा मजबूत जनादेश के साथ आगे बढ़ती है तो फलता क्षेत्र के विकास के लिए विशेष पैकेज दिया जाएगा।
पुराने मामलों की जांच फिर होगी शुरू
शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस प्रशासन को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों में जिन राजनीतिक मामलों की शिकायत दर्ज नहीं हुई, उन्हें अब दोबारा खोला जाएगा। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि पुराने मामलों की शिकायत आने पर तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने दावा किया कि कई अधिकारियों की कॉल डिटेल और रिकॉर्ड की भी जांच होगी।
चुनाव आयोग के फैसले पर फिर चर्चा
फलता सीट पर पहले हुए मतदान को चुनाव आयोग द्वारा रद्द किए जाने का मुद्दा भी मुख्यमंत्री ने उठाया। भाजपा लगातार आरोप लगाती रही है कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई थी। अब 21 मई को दोबारा मतदान होना है, जबकि 24 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे। इस उपचुनाव को राज्य की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
भाजपा ने बनाया प्रतिष्ठा का सवाल
फलता उपचुनाव अब केवल एक सीट की लड़ाई नहीं रह गया है, बल्कि इसे भाजपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों ने प्रतिष्ठा का मुद्दा बना लिया है। मुख्यमंत्री के तीखे तेवरों के बाद साफ है कि आने वाले दिनों में चुनावी बयानबाज़ी और तेज होने वाली है।