कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। नेता विपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस सिस्टम को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब राज्य में “कानून का राज” लागू किया जा रहा है और पुलिस व्यवस्था को BNS (भारतीय न्याय संहिता) के तहत मजबूत किया जा रहा है।
“पुलिस अब अनुशासित संगठन के रूप में काम करेगी”
शुवेंदु अधिकारी ने कहा कि अब पुलिस व्यवस्था पूरी तरह अनुशासित संगठन के रूप में काम करेगी। उन्होंने दावा किया कि हर स्तर पर जवाबदेही तय की जा रही है ताकि प्रशासनिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सके।
पिछली व्यवस्था पर लगाए गंभीर आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य की पुलिस व्यवस्था पर राजनीतिक प्रभाव और अनुशासनहीनता के आरोप लगते रहे हैं। उनके अनुसार कई मामलों में सिस्टम कमजोर हुआ और शिकायतों के निपटारे में देरी देखने को मिली।
डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच पर जोर
नेता विपक्ष ने कहा कि अब मामलों की जांच दस्तावेज और डिजिटल सबूतों के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि बैंक ट्रांजैक्शन, RTGS और NEFT जैसे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिलने पर जांच और कार्रवाई तेज की जाएगी।
झूठी शिकायतों पर भी कार्रवाई का प्रावधान
शुवेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि जहां झूठी शिकायतें सामने आएंगी, वहां भी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि केवल वास्तविक और प्रमाणित शिकायतें ही दर्ज कराई जाएं।
अवैध वसूली और सिंडिकेट सिस्टम पर सख्त रुख
उन्होंने कहा कि हॉकर्स, ऑटो-टोटो और छोटे व्यापारियों से बिना वैध रसीद के पैसे वसूलने पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी। किसी भी प्रकार की अवैध वसूली या सिंडिकेट सिस्टम अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महिला सुरक्षा और पुलिस ट्रांसफर नीति पर सुझाव
शुवेंदु अधिकारी ने कहा कि महिला पुलिसकर्मियों को उनके घर के नजदीक जिलों में तैनात करने पर विचार किया जाना चाहिए ताकि उनकी कार्य स्थितियां बेहतर हों। उन्होंने इसे एक वेलफेयर कदम बताया।
पुलिस वेलफेयर बोर्ड भंग करने का दावा
उन्होंने कहा कि पुलिस वेलफेयर बोर्ड अपने मूल उद्देश्य से भटक गया था, इसलिए इसे भंग कर दिया गया है। अब इसके स्थान पर तीन महीने के भीतर नया ढांचा तैयार किया जाएगा और इसके लिए समिति बनाई जाएगी।
90 दिनों में नई व्यवस्था लागू करने का दावा
नेता विपक्ष ने कहा कि सभी सुझावों के आधार पर एक नई प्रणाली तैयार की जाएगी और 90 दिनों के भीतर इसे लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाना है।
कानून-व्यवस्था को मजबूत करने का दावा जारी
अंत में उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और आने वाले समय में सिस्टम को और सख्त और पारदर्शी बनाया जाएगा।